टिकट वापसी के लिए उमड़ी भीड़
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अग्निपथ के विरोध के चलते बेपटरी हुई रेल सेवा पटरी पर लौट आई है। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि सुरक्षा बलों की ओर से चौकसी बढ़ा दी गई है। ट्रेन निरस्त होने के कारण करीब 30 लाख रुपये के टिकट रिफंड किए गए हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक ज्यादातर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। हालांकि अभी एहतियातन सुरक्षा बंदोबस्त तगड़े किए गए हैं। ट्रेन संख्या 12562 दिल्ली जयनगर एक्सप्रेस 21 जून को निरस्त है। पांचवें दिन कैंट स्टेशन पर टिकट के लिए लोगों की लंबी कतार देखने को मिली।
सुसवाही से दिल्ली के लिए टिकट लेने आए दिपेंद्र ने बताया कि दो घंटे लाइन में खड़ा रहा लेकिन उन्हें वेटिंग टिकट ही मिला है। कैंट स्टेशन के निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि करीब 30 लाख रुपये के टिकट रिफंड किए गए हैं। स्टेशन पर सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त हैं। 17 जून को अग्निपथ विरोध के चलते पहले सवारी गाड़ी, स्पेशल ट्रेने निरस्त करने के बाद एक्सप्रेस ट्रेनों को निरस्त करने का फैसला रेलवे प्रशासन ने लिया था।
17 जून को बनारस में हुआ था भारी बवाल
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अग्निपथ के विरोध में कैंट स्टेशन सहित रोडवेज पर तोड़फोड़ आगजनी के मामले में प्रदर्शनकारियों को पुलिस चिह्नित कर रही है। कैंट, सिगरा, जैतपुरा में दर्ज मुकदमों में पुलिस की अलग-अलग टीमें प्रदर्शनकारियों के घरों और संबंधित जिलों के पुलिस से संपर्क कर रही हैं।
वहीं, प्रदर्शन को हवा देने के आरोप में काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष राहुल राज की गिरफ्तारी को लेकर कैंट पुलिस की दबिश लगातार जारी है। घौसाबाद और लक्षीपुरा स्थित पूर्व छात्र नेता के ठिकानों पर पुलिस ने मंगलवार को भी दबिश दी। उसके परिजनों और करीबियों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
उधर, कैंट स्टेशन पर भी लगे सीसीटीवी कैमरों से आरपीएफ और जीआरपी भी प्रदर्शनकारियों के बारे में जानकारियां जुटा रही है। वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को आरपीएफ व जीआरपी खंगाल रही है। जैतपुरा, कैंट और सिगरा थाने की पुलिस ने कुल 27 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। सभी जिला जेल में बंद है। आरोपियों से पूछताछ में कई नाम और उजागर हुए, जो बवाल में शामिल थे। एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह के अनुसार उपद्रव मामले में वांछित राहुल राज की गिरफ्तारी को लेकर टीमें दबिश दे रही हैं।