तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
2015 में बैंक प्रबंधक राम कृपाल मौर्य ने शाखा प्रबंधक और एजेंट के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सरकारी ऋण योजनाओं में कथित फर्जीवाड़े और धनराशि के गबन से जुड़े मामले की जांच बाद में शासन ने ईओडब्ल्यू वाराणसी को सौंप दी थी। इसके बाद से जांच एजेंसी मामले में आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही थी।
जेसीज चौराहे के पास चलाता था एजेंसी
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी जोगेंद्र जेसीज चौराहे के पास यशवंत कटरा में चांदनी सोलर ऊर्जा के नाम से एजेंसी चलाता है। उसने अपना ठिकाना बदलकर जौनपुर के इब्राहिमाबाद गांव में बना लिया था। ईओडब्ल्यू की टीम ने सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। टीम ने आरोपी को वाराणसी न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे जेल भेजा गया। मामले में सरकारी ऋण योजनाओं के तहत वितरित धनराशि में कथित अनियमितताओं की जांच जारी है।