सब्जी और अनाज के बाद अब बनारस के किसानों की गोबर की खाद भी विदेश भेजी जाएगी। इसके लिए मिर्जापुर के नव चेतना किसान संगठन (एफपीओ) से 25 टन वर्मी कंपोस्ट खाद की मांग दक्षिण कोरिया की ओर से की गई है।
एफपीओ के निदेशक चंद्रमौली पांडेय ने बताया कि संगठन की ओर से बीते 2020 से वर्मी कंपोस्ट (गोबर की खाद) का निर्यात किया जा रहा है। मार्च 2020 से अब तक नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश में वर्मी कंपोस्ट का निर्यात किया जा चुका है। अब दक्षिण कोरिया से भी 25 टन की मांग की गई है। जिसमें बनारस के आराजीलाइन के रखउना गांव के युवा किसान धर्मेंद्र का भी 10 टन वर्मी कंपोस्ट शामिल किया गया। जिसे इसी माह के अंत में कोलकाता से पानी के जहाज के माध्यम से भेजा जाएगा।
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इधर, पहली बार वर्मी कंपोस्ट का निर्यात कर रहे धर्मेंद्र ने बताया कि अभी तक उनकी खाद बनारस सहित चंदौली, मिर्जापुर, आजमगढ़ के सैकड़ों ग्राहक हैं जो किचन गार्डेन और नर्सरी में प्रयोग के लिए खरीदते हैं। पहली बार यह मौका है जब वर्मी कंपोस्ट विदेश जाएगा।