Varanasi News: पॉलिटेक्निक पास करने वाले छात्रों को इंजीनियरिंग में लेटरल एंट्री मिलेगी। वे किसी भी ब्रांच में प्रवेश ले सकेंगे। यह निर्णय अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने लिया है।
पॉलिटेक्निक पास छात्रों के लिए इंजीनियरिंग में लेटरल एंट्री को लेकर इस सत्र से बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत छात्र अपनी मूल शाखा (ब्रांच) तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि किसी भी इंजीनियरिंग ब्रांच में प्रवेश ले सकेंगे। यह निर्णय अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने लिया है। इसके छात्रों को कॅरिअर के बेहतर विकल्प चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी।
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राजकीय पॉलिटेक्निक सुंदरपुर के प्रधानाचार्य पीके सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत, यदि किसी छात्र ने पॉलिटेक्निक सिविल इंजीनियरिंग में किया है, तो वह अब कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल या अन्य किसी भी ब्रांच में बीई या बीटेक में दाखिला ले सकता है।
पहले यह नियम था कि छात्र को उसी ब्रांच में आगे की पढ़ाई करनी होती थी, जिससे विकल्प सीमित हो जाते थे। साथ ही लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों को सीधे इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष (सेकंड ईयर) में दाखिला मिलेगा। इससे उन्हें एक वर्ष का समय बचाने का लाभ भी मिलेगा।
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प्रधानाचार्य ने बताया कि नई एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत यह बदलाव जॉब, बाजार और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। छात्र भविष्य की संभावनाओं के अनुसार ब्रांच चुन सकेंगे। स्किल अपग्रेड कर पाएंगे।