काशी विश्वनाथ धाम ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी मामले में वीडियोग्राफी और वकील कमिश्नर से सर्वे का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने पूर्ववत आदेश को बरकरार रखते हुए वकील कमिश्नर अजय कुमार मिश्र को दोनों पक्षों की मौजूदगी में तीन मई ईद के बाद सर्वे की कार्यवाही कर 10 मई तक कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने और उसी दिन सुनवाई की तिथि नियत की है।
अदालत ने आदेश में कहा कि बैरिकेडिंग के अंदर धर्मस्थल में जाने वाले गेट का उपयोग सुरक्षाकर्मी और मुस्लिम ही कर सकते हैं सत्य प्रतीत नहीं होता, जबकि बहस के दौरान अंजुमन इंतजामिया के अधिवक्ता अभय यादव ने कहा कि धर्मस्थल के अंदर किसी भी धर्म का व्यक्ति प्रवेश कर सकता है, किसी को धर्मस्थल में जाने से इनकार नहीं किया जा सकता।
यूपी स्टेट के तरफ से सिर्फ दो बिंदु उठाए गए थे कि कितने लोगों को प्रवेश दिया जाए और सर्वे का स्थल क्या होगा। अदालत ने इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए दोनों पक्षकारों, अधिवक्तागण उनके सहयोगी, वकील कमिश्नर और कमीशन में लगे लोगों को जाने की अनुमति दे दी।