वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों और प्लेटफार्मों से निकलने वाले कूड़े और दूषित जल को रिसाइकल कर उपयोग में लाने की योजना जल्द ही मूर्त रूप लेने वाली है। गीले कूड़े से खाद और सूखे प्लास्टिक कूड़े से कुर्सी और टेबल बनाने की योजना है। जीरो वेस्ट प्रबंधन योजना के तहत स्टेशन प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी गई है। मुख्यालय ने योजना स्वीकृत कर दी है।
मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एफआरएफ) तकनीक के तहत कूड़े को दो भागों में बांटा जाएगा। इसमें जर्मन तकनीक का सहयोग लिया जाएगा। कूड़ों का निस्तारण कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। जबकि दूषित जल के संचयन के बाद उसे रिसाइकल कर उपयोग में लाया जाएगा।
ट्रैक के आसपास होगी हरियाली
पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जापान की मियावाकी पद्धति से कैंट स्टेशन से फुलवरिया रेलवे फाटक तक ट्रैक के आसपास पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाई जाएगी। पौधरोपण के साथ उनकी देखरेख का भी पूरा प्रबंध होगा।