वाराणसी में पर्यावरण की सेहत सुधारने को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब 31 मार्च के बाद शहर में सिर्फ सीएनजी ऑटो को ही संचालन की अनुमति होगी। पेट्रोल से चलने वाले ऑटो का संचालन शहर में नहीं होगा।
आयुक्त सभागार में गुरुवार को संभागीय परिवहन प्राधिकरण की हुई बैठक के दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने आरटीओ और गेल इंडिया अधिकारियों को इस संबंध में विशेष दिशा-निर्देश दिया है। इसके साथ ही कमिश्नर ने पहले चरण में करीब 50 बसों को भी सीएनजी में कन्वर्ट करने को निर्देशित किया है। वहीं बैठक में शहर के विद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों के वाहनों को भी सीएनजी में बदलने पर विचार विमर्श हुआ।
गेल के मुख्य प्रबंधक मार्केटिंग सुरेश तिवारी ने कहा कि इस समय वाराणसी में 10 सीएनजी स्टेशन चल रहे हैं। इनकी क्षमता एक लाख किलो सीएनजी प्रतिदिन से अधिक की है। जबकि इसकी तुलना में खपत मात्र 30000 किलो प्रति दिन ही हो रही है। एक ओर जहां पेट्रोल एवं डीजल के दामों में आग लगी हुई है तो वहीं सीएनजी काफी किफायती है।
पेट्रोल 89.66 रुपये प्रति लीटर और डीजल 82.33 रुपये प्रति लीटर है। दूसरी तरफ सीएनजी की कीमत 57.50 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में डीजल की तुलना में सीएनजी लगभग 42 प्रतिशत सस्ता है और पेट्रोल की तुलना में 55 परसेंट सस्ता है। सीएनजी एक किफायती ईंधन होने के साथ-साथ पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल है।