नियुक्ति को महामना के आदर्शों के विपरीत बताते हुए छात्र डॉ. फिरोज के इस्तीफे पर अड़ गए। इस बीच 29 नवंबर को फिरोज ने आयुर्वेद संकाय के संहिता एवं संस्कृत विभाग और चार दिसंबर को कला संकाय के संस्कृत विभाग में साक्षात्कार दिया और दोनों जगहों पर सफल रहे।
अब फैसला फिरोज पर था कि वह एसवीडीवी में ही रहते या फिर कला या आयुर्वेद संकाय में से किसी एक को चुनते। छात्रों का विरोध बढ़ता देख फिरोज ने नौ दिसंबर को एसवीडीवी से इस्तीफा देते हुए देर शाम संस्कृत विभाग में जाने का निर्णय लिया। मंगलवार को इस्तीफे की जानकारी मिलने के बाद छात्रों ने 33 दिन से चल रहे धरना समाप्त कर दिया।
मंगलवार को कला संकाय के संस्कृत विभाग में ज्वाइन करने के बाद डॉ. फिरोज करीब दस बजे विभाग पहुंचे। डॉ. फिरोज अब सेमेस्टर परीक्षा खत्म होने के बाद ही कला संकाय के संस्कृत विभाग में कक्षाएं लेंगे और संकाय में 21 दिसंबर तक परीक्षाएं चलेंगी। 23 दिसंबर को बीएचयू का दीक्षांत समारोह होना है। माना जा रहा है कि इसके बाद ही कक्षाएं शुरू होंगी। विभागीय सूत्राें के अनुसार, इससे पहले वह सेमेस्टर परीक्षा में ड्यूटी कर सकते हैं।