यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 15वें दिन यानी 21 नवंबर को लिखित सहमति पत्र दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। 30 नवंबर को दस दिन बीत गए। लेकिन सोमवार को संकाय प्रमुख ने जो जवाब दिया, उससे छात्र सहमत नहीं हुए और विरोध में तालाबंदी कर धरने पर फिर से बैठ गए थे।
उधर डॉ. फिरोज खान ने एसवीडीवी के साथ ही कला संकाय के संस्कृत विभाग और आयुर्वेद संकाय में अपनी दावेदारी पेश की थी। इसके बाद शनिवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कार्यकारिणी परिषद की बैठक में एसवीडीवी में फिरोज खान की नियुक्ति को सही ठहराया।
उन्हें बीएचयू प्रशासन की ओर से सोमवार को कला संकाय के संस्कृत विभाग और आयुर्वेद संकाय के संहिता एवं संस्कृत विभाग के नियुक्ति पत्र दिए गए। इस दौरान फिरोज ने संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय से इस्तीफा देकर कला संकाय के संस्कृत विभाग में ज्वाइन किया।