महमूरगंज स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के सामने से शुक्रवार को अफगानिस्तान निवासी युवक हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ से आए अफगानी युवक के पास वीजा और पासपोर्ट नहीं था। उसके पास से आजमगढ़ के फूलपुर निवासी युवक के नाम का परिचय पत्र बरामद हुआ है।
अफगानी युवक की गतिविधियां और बरामद परिचय पत्र संदिग्ध प्रतीत होने पर उससे आईबी, एटीएस और पुलिस की अलग-अलग टीमें पूछताछ कर रही हैं। चर्चा रही कि वह फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने आया था, लेकिन तफ्तीश कर रही एजेंसियों ने इस संबंध में फिलहाल कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
भेलूपुर थाना अंतर्गत महमूरगंज स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के सामने स्थित फोटो स्टेट की दुकानों के समीप दोपहर बाद एक 40 वर्षीय युवक घूम रहा था। वह इंग्लिश और हिंदी दोनों भाषाएं सही से नहीं बोल पा रहा था। स्थानीय दुकानदारों से उसने पासपोर्ट भरने संबंधी फार्म के बारे में पूछा तो उन्हें शंका हुई और सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस की पूछताछ में भाषा अनुवादक की मदद से अफगानी युवक की शिनाख्त 40 वर्षीय इबादत उल्लाह उर्फ आबिद के तौर पर हुई। इबादत उल्लाह के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी दोस्ती आजमगढ़ के फूलपुर निवासी युवक से हुई थी। वह उस युवक के घर पर रह कर भारत के गांवों और शहरों को देखना और समझना चाहता था।
बीती 11 जनवरी को टूरिस्ट वीजा पर वह अफगानिस्तान से नई दिल्ली आया। उसका वीजा और पासपोर्ट फूलपुर निवासी दोस्त के घर पर ही रखा है। इबादत उल्लाह ने फूलपुर निवासी मोहम्मद जावेद के नाम से परिचय पत्र कैसे बनवाया, सुरक्षा एजेंसियों के इस सवाल का वह ठोस जवाब नहीं दे सका। उसका कहना था कि इस बारे में उसका दोस्त ही बता पाएगा। वह दोस्त के साथ ही बनारस आया था।
इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि अफगानी युवक के पास से वीजा और पासपोर्ट नहीं था। इसके अलावा उसके पास कुछ संदिग्ध कागजात मिले तो उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस की एक टीम उसके दोस्त के घर आजमगढ़ भेजी गई है। उसके दोस्त से भी पूछताछ की जाएगी और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।