स्टांप व पंजीयन मंत्री खुद एक अधिवक्ता है, ऐसे में उन्हें अधिवक्ताओं की पीड़ा को समझना चाहिए, लेकिन शायद उन्हें कोई लेना देना नहीं है। स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद व बरेली मंडल के निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में जिस प्रकार अधिवक्ताओं के बगैर रजिस्ट्री कार्य संपादित कराने का निर्देश दिया है, वह गैर जिम्मेदाराना है।
ये बातें अधिवक्ता विकास सिंह ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि किसी तरह अधिवक्ता रोजी रोटी चला रहे हैं तो उसके पेट पर लात मारने की तैयारी प्रदेश सरकार ने कर ली है।