पूछताछ में देवांश ने बताया कि उसका विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। अगस्त 2020 में उसकी पत्नी मायके चली गई और उसके खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराई। उसकी पत्नी की ओर से मुकदमे की पैरवी अधिवक्ता शशिकांत दूबे करते हैं। उनसे वह कई बार कहा कि मुकदमा खत्म करा दें ताकि उसकी पत्नी उसके साथ रहे।
अधिवक्ता ने जब उसकी बात नहीं सुनी तो उन्हें डराने के लिए उसने उनकी चौकी पर धमकी भरी चिट्ठी रखी थी। उधर, पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल पटेल ने एसएसपी अमित पाठक और कैंट थाने की पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार जताया।