कोनिया घाट पर जाकर पानी में डूबे हुए मकानों को खाली करा कर बाढ़ राहत कैंपों में ले जाने के निर्देश दिए। साथ ही मौके पर एनडीआरएफ की टीम से बाढ़ से प्रभावित लोगों की जानकारी ली और राहत कार्यों के बारे में पूछा और अलर्ट रहने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय कोनिया पंचायत भवन आदमपुर जोन, में चल रहे स्कूल का निरीक्षण किया और नगर निगम से एक स्थायी शौचालय, सांसद निधि से एक शौचालय निर्माण कराने के साथ ही पेयजल हेतु पानी टैंकर लगाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने भ्रमण के दौरान कोनिया सीवेज पम्पिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और प्लांट के बंद होने का कारण पूछा तो बताया गया कि बाढ़ का जल स्तर बढ़ने के कारण बंद है। गंगा प्रदूषण यांत्रिक के जेई जान आलम से मौके पर कार्य की जानकारी ली। तीन कर्मचारी सुरेश सिंह(रनर), गोपेश कुमार व राजनाथ चौकीदार मौके पर मौजूद नहीं थे।
कोनिया सीवेज पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया और गंगा प्रदूषण यांत्रिक के जेई जान आलम से मौके पर कार्य की जानकारी ली साथ ही मौके पर उपस्थित कर्मचारियों से पूछताछ की।