गोदौलिया पर हुए बवाल में प्रशासन और संतों के बीच उपद्रवी भारी पड़े। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 22 सितंबर की रात गोदौलिया चौराहे पर हुए संतों और भक्तों पर लाठीचार्ज के बाद गतिरोध जारी हो गया था। एक ओर संत अन्याय प्रतिकार यात्रा निकालने की जिद पर अड़े रहे। दूसरी ओर जिला प्रशासन उन्हें मनाने का प्रयास जारी रहा। इन सबके बीच उपद्रवियों ने अपनी योजनाओं को अंजाम दे दिया।
संतों ने भी प्रशासन को आश्वासन दिया कि केवल मौन जुलूस निकालेंगे। किसी प्रकार का उपद्रव नहीं होगा। जब संत भीड़ को काबू करने की स्थिति में नहीं थे तो उन्हें यात्रा नहीं निकालनी चाहिए। जिला प्रशासन ने भी केवल संतों की ओर ही ध्यान केंद्रित करने की भूल की। इन दोनों के बीच उपद्रवियों ने षडयंत्र के तहत योजना बनाई। जिसे अंजाम देने में कामयाब रहे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो टाउनहाल
से संतों ने जो यात्रा निकाली। उसमें बांसफाटक तक आते आते उपद्रवी आगे हो गए थे और संत पीछे हो गए। जैसे ही स्पाइस केसीएम मल्टीप्लेक्स के पास यात्रा पहुंची। उसी समय गोदौलिया चौराहे के पास सफेद और केसरिया रूमाल से मुंह ढंके हुए उपद्रवियों ने पुलिस वालों पर हमला बोल दिया। छोटी गाड़ियों से पेट्रोल निकालकर बड़ी और छोटी गाड़ियों को फूंका गया।