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Adipurush row: बुरे फंसे आदिपुरुष के निर्देशक, अभिनेता-अभिनेत्री व लेखक, सभी के खिलाफ कोर्ट में वाद दाखिल

Tue, 20 Jun 2023 05:24 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अदालत में यह वाद अधिवक्ता श्री पति मिश्र ने अधिवक्ताओं शशिकांत यादव, आलोक सौरभ पाण्डेय, हरिकेश गुप्त व शत्रुघ्न मिश्र के जरिये दाखिल किया है। अदालत ने इस वाद को दर्ज रजिस्टर करते हुए कैंट थाने से 27 जून को आख्या तलब की है।
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आदिपुरुष - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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विस्तार
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हिन्दुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरित मानस पर आधारित प्रदर्शित हिंदी फिल्म 'आदि पुरुष' में अपमानजनक टिप्पणी कर हिन्दुओं की धार्मिक आस्थाओं को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितेश कुमार सिन्हा की अदालत में सीआरपीसी की धारा 156-3 के तहत वाद दाखिल किया गया है। इस वाद में मुंबई निवासी फ़िल्म के निर्देशक व निर्माता ओम राउत, लेखक मनोज मुन्तशिर शुक्ल,अभिनेता सैफ अली खान व प्रभास और अभिनेत्री कृति मेनन को आरोपी बनाया गया है।

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अदालत में यह वाद अधिवक्ता श्री पति मिश्र ने अधिवक्ताओं शशिकांत यादव, आलोक सौरभ पाण्डेय, हरिकेश गुप्त व शत्रुघ्न मिश्र के जरिये दाखिल किया है। अदालत ने इस वाद को दर्ज रजिस्टर करते हुए कैंट थाने से 27 जून को आख्या तलब की है। वाद में कहा गया कि वादी अधिवक्ता होने के साथ हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाला है।
जेएचवी माल में 10 जून को हिंदी फ़िल्म आदि मानव प्रदर्शित की गई। यह फिल्म हिन्दुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरित पर आधारित है। जिसमें दिखाए गए चित्रण पर काफ़ी अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
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कहा गया है कि 'तेरी बुआ का बगीचा है क्या जो हवा खाने आ गया। जो हमारी बहनों को हाथ लगाएंगे उनकी लंका जला देंगे।  मेरे एक सपोले ने तुम्हारे शेषनाग को लम्बा कर दिया अभी तो पूरा पिटारा पड़ा हुआ है। भैया आप अपने कल के लिए कालीन बिछा रहे है, अयोध्या में तो वो रहता नहीं है रहता तो वो जंगल में है और जंगल का राजा शेर होता है तो वो कहा का राजा है'


 

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आदिपुरुष - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इन टिप्पणीयों से करोड़ों हिदुओं की आस्था आहत होने का आरोप लगाया गया है। साथ में यह भी कहा गया कि भगवान हनुमान द्वारा लंका दहन के पहले सीन  में कहा गया कि 'कपड़े तेरे बाप का आग तेरे बाप का तेल तेरे बाप का और जलेगी भी तेरे बाप की'। वाद में कहा गया की रामायण के शब्दों से छेड़छाड़ की गई और वास्तविक शब्दों को बदल दिया गया, महापंडित रावण को जिस तरह से दिखाया गया वह मुस्लिम राजा का प्रतीक लग रहा है।
आरोप लगाया गया कि आरोपियों का अपराध संगेय व आजामंतीय प्रकृति का है। इस बाबत डीआईज़ी अपर पुलिस आयुक्त को आवेदन दिया गया कुछ नहीं होने  पर कोर्ट की शरण ली गई और समयचित धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जाने का अनुरोध किया गया, अदालत ने इस वाद को दर्ज रजिस्टर करते हुए थाने से 27 जून को आख्या तलब की है।
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