वाराणसी। पशुपालन विभाग की 9.65 एकड़ जमीन अडानी ग्रुप को 15 साल के लिए लीज पर दी गई है। दरअसल क्लीन काशी ग्रीन काशी के लिए शहंशाहपुर में 90 टन क्षमता वाला बायोगैस प्लांट बनाया जा रहा है। सीएसआर के तहत यह प्लांट अडानी ग्रुप की राइट्स संस्था चलाएगी। इसके बाद यह नगर निगम को सौंपेंगा। यहां गोबर धन योजना के तहत यूपी का यह पहला बायोगैस प्लांट होगा। इससे 15 टन सीएनजी का निर्माण होगा। यह सीएनजी पंप पर बेची जाएगी।
इस योजना का नोडल जलशक्ति मंत्रालय है। उनकी देखरेख में इसका निर्माण चल रहा है। 90 टन क्षमता वाले इस प्लांट में 20 टन का डायजेस्टर होगा, जिसमें गोबर भरा जाएगा। इसके लिए शहर और देहात की गोशालाओं से एक रुपये किलो गोबर खरीदा जाएगा। इसके अलावा आजमगढ़ के सठियांव के चीनी मिल से निकलने वाली मिट्टी, नेपियर घास को मिलाकर मीथेन का निर्माण होगा। मीथेन को सीएनजी में कंवर्ट किया जाएगा और इसे सिलेंडरों में भरकर बेचा जाएगा। यूपी का यह पहला प्रोजेक्ट होगा। इसके पहले यह गुजरात में बना है। शहर को प्रदूषण से मुक्त कराने में यह प्लांट काफी कारगर होगा। सीएनजी से चलने वाले वाहनों के लिए यह प्लांट काफी मददगार साबित होगा। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि पशुपालन पालन विभाग ने अडानी ग्रुप की राइट्स संस्था को जमीन लीज पर दी है। प्लांट सीएसआर के तहत चलाने के बाद नगर निगम को सौंपी जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीबी सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग की जमीन अडानी ग्रुप को लखनऊ स्तर से लीज पर दी गई है।