वाराणसी में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 80164 पहुंच चुका है। जिसमें से 75, 060 डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं, 716 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 4388 एक्टिव मरीज हैं। दो दिनों से बरसात होने की वजह से शहर में बाहर निकलने वालों की संख्या में भी काफी कमी आई है। ऐसे में संक्रमण के मामले माह के आखिर तक पूरी तरह से नियंत्रण में आने की उम्मीद जगी है।ठीक होने वालों के बेहतर परिणाम को देखते हुए उम्मीद जगी है कि अब अगले दो दिनों में संक्रमण के मामले चार हजार से भी कम हो जाएंगे।
कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। बृहस्पतिवार को बारिश के बाद भी शहरी और ग्रामीण इलाकों में केंद्रों पर लोग सुबह टीका लगवाने पहुंच गए और जैसे ही काउंटर खुला लोगों को टीका भी लगाया गया। कुल 80 केंद्रों पर 7437 लोगों का टीकाकरण हुआ।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 80 केंद्रों पर टीकाकरण किया गया। दो दिन से पहले की तरह अब कहीं टीकाकरण केंद्रों पर कोई न तो लाइन दिख रही है और न ही मारामारी जैसी हालात। हालांकि शहरी इलाकों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में कुछ संख्या में कमी जरूर रही।
इस बीच कुल 7437 में से बृहस्पतिवार को 18 से 44 साल के 4439 लोगों को जबकि 45 से अधिक उम्र वाले 2998 लोगों का टीकाकरण हुआ। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 7437 में सबसे ज्यादा 7224 को पहली डोज जबकि 213 को दूसरी डोज लगाई गई। बताया कि शुक्रवार को भी 80 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा। इसमें 18 से 44 वालों को 26 और 45 से अधिक उम्र वालों को 54 केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा।
वाराणसी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी होने के साथ ही अब अस्पतालों में खाली बेडों की संख्या भी रोजाना बढ़ती ही जा रही है। इससे जरूरत पड़ने पर कोरोना के गम्भीर मरीजो को परेशानी नही होगी। बृहस्पतिवार को जिले के सरकारी और निजी अस्पताल में मिलाकर 1469 बेड खाली हैं। इसमे आठ सरकारी अस्पताल के 1033 बेड में 534 और 52 निजी अस्पताल में 1421 में 935 बेड खाली है। राहत की बात यह है कि सबसे ज्यादा 1104 ऑक्सीजन वाले बेड है और 365 वेंटिलेटर वाले शामिल है।