वाराणसी में 18 से 44 साल वालों के लिए 27 नए केंद्र बढ़ाने के फैसले के बाद बुधवार सुबह पोर्टल पर पंजीकरण भी शुरू हुआ। देखते ही देखते कई केंद्रों के स्लॉट बुक हो गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 और 29 मई को 27 नए केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नए केंद्रों पर 5000 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
बुधवार को टीकाकरण का ग्राफ भी बढ़ गया। जिले में अलग-अलग केंद्रों पर कुल 12,334 लोगों ने टीका लगवाया। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि इसमें 18 से 44 साल के 8836 जबकि 45 से अधिक उम्र के 3498 लोगों को टीका लगाया गया।
बृहस्पतिवार को टीकाकरण केंद्र बढ़ाकर 119 कर दिया गया है। 18 से 44 साल वालों के लिए 56 जबकि 45 से अधिक उम्र के लिए भी 63 केंद्र शामिल हैं। पहले से चले रहे स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा कई नए स्वास्थ्य केंद्र भी जुड़े हैं।
कोरोना काल में आयुष्मान भारत योजना का लाभ मरीजों को मिल रहा है। जिले के सरकारी-निजी अस्पतालों में इस साल मार्च से लेकर मई यानी अब तक तीन महीने में 3332 मरीजों ने निशुल्क इलाज कराया है। इसमें 31 लाभार्थी ईएसआई अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, अपेक्स हॉस्पिटल भिखारीपुर और हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में भी 246 मरीजों ने नि:शुल्क इलाज कराया।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन परिवारों का गोल्डन कार्ड बनाया गया है, उन्हें हर साल पांच लाख तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 से ही चल रहे इस योजना में जिले में अब तक करीब 2.67 लाख चिह्नित लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं। इसमें 1,14,419 लक्षित परिवारों के सापेक्ष 96,428 लाभार्थी परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बताया कि योजना की शुरुआत से जिले में अब तक 55,839 मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क इलाज किया गया है।
वाराणसी के कोविड अस्पतालों में खाली होने वाले बेड की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को यह संख्या 1800 के पार हो गई। सरकारी और निजी अस्पतालों के कुल 2434 में से 1857 बेड अब भी खाली पड़े हैं। राहत की बात यह है कि इसमें 514 आईसीयू वाले बेड है जबकि 1343 ऑक्सीजन वाले हैं। सरकारी अस्पतालों में 1033 में 699 जबकि निजी में 1401 में 1158 बेड खाली हैं।