बीएचयू इमरजेंसी के बाहर कामकाज छोड़कर धरना देने वाले नर्सिंग अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।बीएचयू अस्पताल के सहायक कुलसचिव ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि अस्पताल का कामकाज बाधित हो रहा है लिहाजा काम पर लौट जाएं। बीएचयू अस्पताल में नर्सिंग अफसर खेम सिंह सैनी की रहस्यमयी तरीके से मौत के बाद प्रदर्शन जारी है ।
बीएचयू अस्पताल के सहायक कुलसचिव ने कार्यस्थल पर धरना देने को अनुचित और सेवा अनुशासन का उल्लंघन बताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। कुलसचिव ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन न कर काम पर वापस लौट आएं। नर्सिंग अफसर खेम सिंह सैनी की रहस्यमयी तरीके से मौत के विरोध में प्रदर्शन लगातार जारी है नर्सिंग अफसर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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अस्पताल के सहायक कुलसचिव विश्वजीत साहा ने एक अपील जारी कर नर्सिंग अफसर के निधन पर दुख व्यक्त किया है। साथ ही यह भी कहा कि दिवंगत नर्सिंग अधिकारी को सीसीएस (सीए) रूल-1965 के तहत सभी लाभ प्रदान किये जायेंगे। नर्सिंग अफसर जो कि केन्द्रीय सिविल सेवा नियम-1965 के अधीन आते हैं जिनका उल्लंघन करना गंभीर अनुशासनहीनता है।
सहायक कुलसचिव ने यह भी कहा है कि कार्यस्थल पर धरना देना न केवल अनुचित है बल्कि यह कार्य स्थल की गरिमा और सेवा अनुशासन का उल्लंघन भी है। धरना देने से सेवायें बाधित होती हैं और स्वास्थ्य तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों के इलाज में देरी, उनके दर्द को बढ़ाना और उन्हें अंधकार में धकेलना मानवता के खिलाफ है। ऐसे में तत्काल धरना समाप्त किया जाना चाहिए नहीं तो कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
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इस मामले में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एसडीएम, एडीएम सिटी बीएचयू पहुंचे और खेम सिंह सैनी के परिजनों और धरनारत नर्सिंग अफसरों से बात कर विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत कर न्याय का भरोसा दिलाया है।