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बनारस रेल इंजन कारखाना की उपलब्धिः डिस्ट्रीब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल सिस्टम से लैस दो रेल इंजन राष्ट्र को किया समर्पित

Sun, 27 Jun 2021 04:43 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

डिस्ट्रिब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल प्रणाली युक्त डब्ल्यूएजी -9  श्रेणी का रेल इंजन लंबी दूरी के मालगाड़ी को बिना कपलर बलों को बढ़ाए कई माल इंजनों के संचालन को सक्षम बनाएगा। पूर्वी एवं पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में ज्यादा भार वाली गाड़ियों के वहन में  इन रेल इंजनों का प्रयोग किया जा सकेगा।
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डिस्ट्रिब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल प्रणाली युक्त डब्ल्यूएजी -9 श्रेणी के दो विद्युत रेल इंजनों - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने डिस्ट्रिब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल प्रणाली युक्त डब्ल्यूएजी -9  श्रेणी के दो विद्युत रेल इंजनों 41152 एवं 41157 का सफलता पूर्वक निर्माण कर राष्ट्र को समर्पित किया। डीपीडब्ल्यूसीएस मालगाड़ी के लंबी दूरी के संचालन के लिए अत्याधुनिक तकनीक है जो बिना कपलर बलों को बढ़ाए कई माल इंजनों के संचालन को सक्षम बनाता है।
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यह लोकोमोटिव पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में भारी अनुगामी भार को भी ढोएंगे। इन विद्युत रेल इंजनों को दक्षिण मध्य रेलवे के ललागुड़ा लोको शेड को निर्गत किया गया है।  
डिस्ट्रिब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल प्रणाली लंबी मालवाहक ट्रेनों के संचालन के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी है। यह कपलर बल में वृद्धि किए बिना, ट्रेन की संरचना में विभिन्न स्थानों (सामने, मध्य, पीछे) पर अलग-अलग रेल इंजनों (एक आगे और तीन पीछे तक) को लगाकर मालवाहक इंजनों को बहुउद्देशीय परिचालन के लिए सक्षम बनाती है।
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आगे लगे हुए इंजन के द्वारा पीछे लगे हुए इंजनों का नियंत्रण वायरलेस कम्युनिकेशन के माध्यम से तीन किमी की दूरी तक होता है। पूर्वी एवं पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में ज्यादा भार वाली गाड़ियों के वहन में भी इन रेल इंजनों का प्रयोग किया जा सकेगा।

 
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डीपीडब्ल्यूसीएस के ये भी हैं लाभ

बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका) भारतीय रेलवे को लोकोमोटिव उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा योगदान देता है। महाप्रबंधक अंजली गोयल के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में निष्ठावान कर्तव्यनिष्ठ अधिकारीयों व रेल कर्मचारियों ने अपनी लगन और परिश्रम से डिस्ट्रिब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल प्रणाली को विद्युत लोको में सफलता पूर्वक लगाकर बनारस रेल इंजन कारखाना के लिए उपलब्धियों में एक नए अविष्कार को जोड़ा है। 
 
- सेक्शन के थ्रोपुट(क्षमता) में वृद्धि
- रेल इंजन का सुदूर नियंत्रण 
- दक्ष ट्रेन प्रबंधन
- कपलर बल की कमी, इससे कपलर की विफलता समाप्त हो जाती है।
-  दक्ष ब्रेक नियंत्रण, ब्रेक बाइंडिंग की समस्या से छुटकारा, ब्रेकिंग डिस्टेंस की कमी और तत्संबंधी टूट-फूट में कमी। तीव्रतर चार्जिंग (मल्टी प्वाइंट), जिससे ब्रेक रिलीज समय कम हो जाता है।
- वायरलेस तकनीक के माध्यम से मल्टीपल रेल इंजन का परिचालन
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