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गजब हाल है: पुलिस ढूंढती रही, एक और आरोपी ने कर दिया सरेंडर; सपा नेता के घर फायरिंग का दूसरा नामजद भी गया जेल

Sun, 07 Jul 2024 02:27 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले में सपा नेता के घर फायरिंग और हमले में पुलिस एक बार फिर गच्चा खा गई।मीर घाट की घटना का दूसरा नामजद आरोपी ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। तीन दिन में ही दो आरोपियों ने पुलिस को चकमा दिया। 
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UP Police - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मीर घाट में सपा नेता के घर फायरिंग और हमले में कमिश्नरेट की पुलिस लगातार बैकफुट पर है। शनिवार को पुलिस की चौकसी और घेराबंदी को गच्चा देते हुए सिद्धेश्वरी निवासी 25 हजार के इनामी शोभित शर्मा ने सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय अलका की अदालत में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। 

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इससे पहले इस मामले में वांछित रहे 25 हजार के इनामी साहिल यादव ने पुलिस की घेराबंदी को चकमा देकर गत चार जुलाई को अदालत में समर्पण किया था। तीन दिन में दो इनामी बदमाशों के कोर्ट में समर्पण की घटना ने पुलिस की कार्यशैली और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा किया है।

श्री काशी विश्वनाथ धाम से चंद कदम की दूरी पर मीर घाट में दशाश्वमेध थाने के हिस्ट्रीशीटर और सपा नेता विजय यादव उर्फ विज्जू का घर है। विजय ने गत 30 जून को दशाश्वमेध थाने में पांच नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रयास सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। विजय के अनुसार गुंडा टैक्स न देने पर 30 जून की दोपहर बदमाशों ने उनके घर में धावा बोला था। 

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बदमाशों ने फायरिंग और धारदार हथियारों से हमला कर परिवार के छह वर्ष के एक बच्चे सहित छह लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में मौके से ही पकड़े गए आरोपी गोविंद यादव को एक जुलाई को जेल भेजा गया था। वहीं, चार आरोपियों अंकित यादव, साहिल यादव, शिवम शर्मा और शोभित शर्मा के खिलाफ डीसीपी काशी जोन ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसमें से साहिल यादव और शिवम शर्मा अदालत में समर्पण कर जेल जा चुके हैं।

टीमें कई लगी हैं, लेकिन कामकाज प्रभावी नहीं
मीर घाट की घटना से संबंधित आरोपियों की धरपकड़ के लिए दशाश्वमेध थाने की पुलिस और एसओजी के अलावा काशी जोन के पुलिस अफसरों ने अपनी टीम भी लगा रखी है। मगर, आपसी समन्वय की कमी और कमजोर मुखबिर तंत्र के साथ ही सटीक सूचना के अभाव में पुलिस कारगर तरीके से कार्रवाई नहीं कर पा रही है। नतीजतन, इनाम घोषित दो बदमाश पुलिस को आसानी से चकमा देकर अदालत में समर्पण कर चुके हैं।
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