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वाराणसी कचहरी ब्लास्ट के आरोपियों को उम्रकैद की सजा, नौ की गई थी जान और 50 से ज्यादा हुए थे घायल

Sat, 21 Dec 2019 04:35 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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23 नवंबर 2007 को लखनऊ और अयोध्या सहित वाराणसी की कचहरी परिसर में सीरियल ब्लास्ट में नौ लोगों की जान चली गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस आतंकी घटना में संलिप्त दो आतंकियों तारिक आजमी और मोहम्मद अख्तर को 12 साल बाद शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

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दीवानी कचहरी परिसर का माहौल अन्य दिनों की भांति ही 23 नवंबर 2007 को भी सामान्य था। पूर्व विधायक अजय राय अपने बड़े भाई की हत्या के मामले में गवाही देने के लिए कचहरी पहुंचे थे। इसी दौरान दोपहर में लगातार दो धमाके हुए तो लोगों को लगा कि अजय राय पर हमला किया गया है।

हालांकि थोड़ी ही देर में पता लगा कि कचहरी में आतंकी हमला हुआ है और नौ लोगों की जान चली गई है। एटीएस ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि दीवानी कचहरी में मुख्तार उर्फ राजू और सज्जाद ने साइकिल में टिफिन बम प्लांट किया था।

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इसके लिए आतंकी कश्मीर से जौनपुर आए थे। आतंकियों को शरण देने के आरोप में जौनपुर निवासी अब्दुल खालिद गिरफ्तार किया गया था। वहीं, आजमगढ़ निवासी हकीम उर्फ तारिक उर्फ कासिम को आतंकी घटना की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

कचहरी में सीरियल ब्लास्ट की घटना में 10 आतंकियों के नाम सामने आए थे। इनमें से आतंकी संगठन हूजी के कमांडर हम्मास को एटीएस और कश्मीर पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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