वाराणसी स्थित बाबतपुर एयरपोर्ट से गुरुवार की रात अरबों रुपये हड़पने के आरोपी कर्नाटक का मंगलौर निवासी रघु शेट्टी पकड़ा गया। उसने पुलिस को बताया कि वह जल्द ही वाराणसी सहित अन्य शहरों में ऑफिस खोलने की तैयारी में था।
उसे राजस्थान पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। वह बंगलूरू की फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था। पूछताछ के बाद पुलिस ने छापेमारी कर शिवपुर और कैंट इलाके से रघु के सात अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को रघु सेट्टी को राजस्थान पुलिस अपने साथ ले गई।
पुलिस के अनुसार रघु शेट्टी राजस्थान में आधा दर्जन चिटफंड और कोऑपरेटिव फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हड़पने का आरोपी है। रघु शेट्टी वाराणसी के गिलट बाजार पुलिस चौकी के पास कार्यालय खोलने के बाद पूर्वांचल के अन्य जिलों से बिहार तक अपने नेटवर्क का विस्तार करना चाह रहा था।
पुलिस की पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बंगलूरू से वापस लौटने के बाद 15 से 20 दिन में यहां कार्यालय खुलवा देता और फिर स्थायी रूप से नेपाल में रहकर यहां आता-जाता रहता। राजस्थान पुलिस रघु शेट्टी से उसकी सभी फाइनेंस और चिटफंड कंपनियों के आकाओं के राज उगलवाने में लगी हुई थी।
रघु शेट्टी ने पुलिस को बताया कि उसकी कंपनियों की स्कीम कम समय में ज्यादा मुनाफे वाली होती हैं। इसी वजह से झांसे में आकर लोग ज्यादा निवेश करते हैं। उधर, राजस्थान पुलिस ने बताया कि रघु शेट्टी पर जयपुर के साथ ही उदयपुर, आगरा, कोलकाता और नई दिल्ली में कार्यालय खोलकर कई लोगों के करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप है।
रघु शेट्टी और उससे जुड़े लोग रुपये हड़पने के बाद शहर छोड़ कर दूसरी जगह चले जाते थे। उसने बताया कि वाराणसी में उसे कोई पहचानता नहीं था और यह शहर उसके लिए नया था। इस वजह से उसे और उसके लोगों को काम करने में आसानी होती।
ऐसे पकड़ में आया शातिर धोखेबाज
गिरफ्तार
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रघु शेट्टी ने पुलिस का शिकंजा कसता देख उसने जयपुर और नई दिल्ली के अपने कार्यालय बंद कर दिए थे। बीते एक पखवारे से वह शिवपुर क्षेत्र की गिलट बाजार पुलिस चौकी के समीप अपने 15 साथियों के साथ नया कार्यालय तैयार करा रहा था। जयपुर पुलिस ने वाराणसी के एसएसपी को यह जानकारी दी थी कि रघु शेट्टी इन दिनों शहर में अपना कार्यालय खोलने की तैयारी में है।
साथ ही, उसकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच का सहयोग मांगा था। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पता लगा कि रघु गुरुवार रात 8:40 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट से बंगलूरू के लिए उड़ान भरेगा। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह ने अपनी टीम के एसआई राकेश सिंह, पीएन सिंह, कुलदीप सिंह, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह और राजस्थान पुलिस के साथ एयरपोर्ट परिसर में जाल बिछाया। रात करीब आठ बजे सीआईएसएफ की मदद से रघु शेट्टी को सिक्योरिटी होल्ड एरिया से हिरासत में लिया गया।
उसके पास से वाराणसी से बंगलूरू का टिकट और एक बैग बरामद किया गया। इसके बाद रघु शेट्टी से पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ के आधार पर रात 12:30 बजे तक रघु शेट्टी के सात साथियों को हिरासत में लिया जा चुका था।
उसने बताया कि वह गिलट बाजार पुलिस चौकी के समीप इसी महीने अपना कार्यालय खोलने की तैयारी में था। वाराणसी के बाद वह पूर्वांचल के अन्य मंडल मुख्यालय में अपना कार्यालय खोलता और फाइनेंस का काम शुरू करता।
इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि राजस्थान में अरबों रुपये हड़पने के मामले में वांछित रघु शेट्टी को राजस्थान पुलिस ने क्राइम ब्रांच के सहयोग से गिरफ्तार किया है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे जयपुर ले जाया जा रहा है।