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कोरोना जांच रिपोर्ट के इंतजार में नहीं लटकेगा आकस्मिक इलाज

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अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों में अब मरीजों के इलाज, ऑपरेशन में कोरोना जांच रिपोर्ट की लेटलतीफी बाधक नहीं बनेगी। शासन स्तर पर नए सिरे से गाइडलाइन जारी की गई है। साथ ही इसका कड़ाई से पालन कराने को भी कहा गया है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जांच और रिपोर्ट न मिलने की वजह से किसी भी प्रकार के आकस्मिक इलाज में देरी नहीं होनी है। यह भी कहा गया है कि सर्जिकल, नॉन सर्जिकल की स्थिति में जब तक रोगी में कोई लक्षण न दिखे तब तक उसकी कोरोना जांच न कराई जाए। तीसरी लहर में भी बहुत से अस्पतालों में जांच, ऑपरेशन और भर्ती करने से पहले कोरोना जांच रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। मरीज पहले एंटीजन जांच कराते हैं। इसके बाद आरटीपीसीआर का सैंपल भी लिया जाता है। हालत यह है कि जब तक आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक ऑपरेशन, जांच के लिए मरीज और परिजनों को इंतजार करना पड़ता है। आरटीपीसीआर की तीन से चार दिन में रिपोर्ट आ रही है। अब नई गाइडलाइन के जारी होने से मरीजों को इलाज में बड़ी राहत होगी।
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नई गाइडलाइन में क्या है खास
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सीएमओ समेत अन्य अधिकारियाें को गाइडलाइन भेजी गई है। जिसमें कोरोना जांच रिजल्ट के अभाव में इलाज में देरी न होने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल कोरोना जांच की अनुपलब्धता की वजह से मरीज को एक से दूसरे अस्पताल में रेफर नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में मरीज का सैंपल लेकर उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजने के सभी आवश्यक प्रबंध भी करने होंगे। साथ ही भर्ती मरीजों की जांच सप्ताह में एक बार से अधिक नहीं होनी चाहिए।
कोरोना जांच को लेकर शासन की नई गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। अस्पतालों को निर्देशित करने के साथ ही कोशिश की जा रही है कि सैंपल देने के बाद जल्द से जल्द संबंधित मरीज को जांच रिपोर्ट भी मिल जाए। ताकि उसे कोई असुविधा न हो।
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- डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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