पुलिस की जांच में सामने आया था इनका नाम
पुलिस की विवेचना में सरायलखंसी थाना क्षेत्र के छोटी रस्तीपुर निवासी विनोद कुमार, सोनू उर्फ राहुल और उसके पिता जगरनाथ, मनोज राम, नसोपुर गांव निवासी हरिभवन यादव उर्फ छन्नू यादव, पखईपुर गांव निवासी अरविंद सिंह पुत्र बसावन सिंह और कैथवली गांव निवासी रमेश सिंह उर्फ काका का नाम सामने आया। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक ने आठ गवाह पेश किए और मजबूती से पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
हत्या, हत्या की साजिश और बलवा के मामलों में सुनाई सजा
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रमेश सिंह काका और अरविंद सिंह को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया। सुनवाई के दौरान दोषी जगरनाथ के दूसरे बेटे सोनू उर्फ राहुल मौत हो गई इसलिए उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। मुकदमा समाप्त कर दिया। वहीं, मामले में दोषी जगरनाथ, विनोद कुमार, मनोज राम और हरिभवन यादव उर्फ छन्नू यादव को बलवा, हत्या का दोषी करार दिया गया। सभी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। साथ ही हत्या की साजिश रचने मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
इसी तरह बलवा के मामले में दो-दो साल की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना और घातक हथियार लेकर बलवा करने के मामले में तीन-तीन साल की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। अदालत ने जुर्माना अदा करने की स्थिति में आधी धनराशि वादी को देने का आदेश दिया है।