तेज आवाज के बाद पहुंचे लोगों ने वाहन में फंसे लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला। हादसे में जंसा थाना के खरगूपुर गांव निवासी विकास मिश्रा (32), अखिलेश मिश्रा (41) व खुत्थन राजभर (41) और मिर्जामुराद थाना अंतर्गत रूपापुर निवासी कैलाश शुक्ला (55) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
जबकि खरगूपुर गांव के रहने वाले लक्ष्मण मिश्रा (42), दुर्गेश मिश्रा (30) और बरनी निवासी प्रदीप सिंह (42) वर्ष गंभीर रूप से घायल है। गांव में घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान सहित सभी परिजन बदहवाश हाल में सुल्तानपुर को रवाना हुए।
खरगूपुर में अखिलेश मिश्रा और अजय मिश्रा, खुत्थन राजभर की मौत ने परिजनों को बेदम कर दिया। घर के पुरूष सदस्य तो घटनास्थल को रवाना हुए वहीं घर की महिलाएं इस हादसे से बेसुध रहीं। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शाम को जलने वाले चूल्हे बुझ गए। अखिलेश, विकास और खुत्थन के घर देर रात तक ढांढ़स बंधाने के लिए लोगों की भीड़ एकत्रित होती रही। आसपास गांव के लोग भी पहुंच गए।
जंसा थाना अंतर्गत खरगूपुर गांव निवासी रहे अखिलेश मिश्रा और विकास मिश्रा के परिजन एकदम बेसुध रहे। विकास की मां यही कहती रही कि हे भगवान, ऐतना बड़ा अनर्थ काहे हमरे संगे कईलन... हमरे ललनवा के जिनगियां हमसे काहे छिनलन। हूबहू यही गमगीन माहौल अखिलेश मिश्रा के घर का रहा। मौजूद हर किसी की आंखें नम को उठी। वहीं रूपापुर में कैलाश शुक्ला के बेटे और बेटियों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन रहा।
हादसे से दुखी परिजनों में आक्रोश और पछतावा भी है। विकास मिश्रा की मौत से दुखी परिजन नियती को कोस रहे हैं। विकास के पिता केशव और उसकी मां ने बिलखते हुए बताया कि लखनऊ जाने के लिए मना किया था। बेटा यदि बात मान लिया होता तो शायद आज वह हमारे आंखों के सामने रहता। पिता केशव तुरंत ही सुल्तानपुर को रवाना हो गए।