बता दें कि बीते शनिवार को चौक क्षेत्र में ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के पास मंदिर के एक जर्जर मकान मरम्मत के दौरान ढह गया था। काम में लगे तीन मजदूर मलबे में दबे थे। जिसमें बिहार के कैमूर के भभुआ का मेवा प्रजापति की मौत हो गई थी। कॉरिडोर परिसर से सटे नीलकंठ मोड़ स्थित दूध की दुकान के एक हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था कि तभी मकान का दूसरा हिस्सा भरभराकर गिर गया था। जर्जर मकान अब जानलेवा बन गए हैं। इस मौसम में अब तक चौथी या छठीं घटना है। इससे पहले भी कई मौकों पर चौक क्षेत्र में जर्जर आवास गिरने से हादसा हुआ है।