ऐसे पोस्टर लेकर निकले छात्र।
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अभाविप इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई, छात्र संगठनों के साथ कथित भेदभाव और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया। साथ ही परिसर में महिला सुरक्षा को लेकर भी सवाल किए।
इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि महामना मालवीय ने बीएचयू की कल्पना राष्ट्रनिर्माण, चरित्र निर्माण, भारतीय संस्कृति और उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र के रूप में की थी। उन्होंने छात्रावासों की अव्यवस्था, परिसर की सुरक्षा, प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यशैली और विद्यार्थियों के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
एमएमवी तिराहे पर कार्यकर्ताओं ने छात्रसमूह को संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की समस्याओं का समाधान करने और उनकी लोकतांत्रिक आवाज सुनने की मांग की। परिषद ने लंबित मामलों का निष्पक्ष निस्तारण, आंदोलनरत विद्यार्थियों पर हुई दंडात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा और सुरक्षित व पारदर्शी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की। अभाविप ने कहा कि विद्यार्थियों की मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक छात्र हितों की आवाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाई जाती रहेगी।