परम हंस को ही पता होगा, हम तो गिफ्ट लेने गए थे
डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया कि धर्मेंद्र ने पूछताछ में बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया। वह बार-बार एक ही बात कह रहा था कि उसे 41 लाख की लूट के बारे में कुछ भी नहीं पता है। जो भी होगा, वह इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता को ही पता होगा।
पुलिस ने पूछा कि आधी रात बाद अपार्टमेंट में गए थे और फिर दो बैग लेकर निकले। आखिरकार दोनों बैग में क्या था? इस पर धर्मेंद्र ने कहा कि वह एक न्यूज चैनल का पत्रकार है। उसे रुद्रा हाइट्स अपार्टमेंट में रहने वाले एक परिचित कारोबारी ने दीपावली की मिठाई, साड़ी और गिफ्ट आइटम देने के लिए बुलाया था। यह महज संयोग था कि अपार्टमेंट से बाहर निकलने के दौरान उसे इंस्पेक्टर परम हंस भी मिल गया था। उसने अपने मोबाइल के बारे में भी जानकारी नहीं दी। इससे अधिक वह कुछ नहीं जानता है।
धर्मेंद्र कुमार चौबे उर्फ पिंटू।
- फोटो : अमर उजाला
रिमांड पर लेकर नकदी बरामद करेगी पुलिस
एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी ने बताया कि पूछताछ में धर्मेंद्र सहयोग नहीं किया है। अदालत की अनुमति से जल्द ही उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। उसकी निशानदेही पर नकदी बरामद कराई जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि अपार्टमेंट के किस फ्लैट में कौन-कौन जुआ खेल रहा था।
इस मामले में शहर के बड़े लोगों के शामिल होने की चर्चा है। पूरी घटना में अन्य किसी की संलिप्तता होगी तो उसका भी पता लगाया जाएगा। उसके मोबाइल को बरामद कर उसका डेटा रिकवर किया जाएगा। मामले में नामजद और निलंबित इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता की तलाश में एसओजी और पुलिस की तीन टीमें लगी हैं।
पहले प्रयागराज फिर मुंबई गया था धर्मेंद्र
41 लाख की लूट का मामला सोशल मीडिया पर गत आठ नवंबर को साझा किया गया था। पुलिस के अनुसार आठ नवंबर को ही अपने सभी मोबाइल फोन बंद करके धर्मेंद्र प्रयागराज में अपने एक दोस्त के पास चला गया था। 14 नवंबर को मुकदमा दर्ज हो गया तो वह अपनी बहन के पास मुंबई चला गया।
मोबाइल फोन बंद होने की वजह से ही पुलिस आरोपी धर्मेंद्र की लोकेशन ट्रैक नहीं कर पा रही थी। मगर, वह अपने परिचितों के माध्यम से परिजनों के संपर्क में था। इस पर पुलिस को सर्विलांस की मदद से पता लगा कि धर्मेंद्र मुंबई में अपनी बहन के यहां छिपा हुआ है। पुलिस टीम मुंबई गई तो वह अपनी बहन के घर मिल गया। धर्मेंद्र अपनी जमानत की तैयारी में लगा हुआ था और वाराणसी के अधिवक्ताओं के संपर्क में था।
बोले अधिकारी
एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। निलंबित इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त, वाराणसी कमिश्नरेट