प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि भूमि का नामांतरण फर्जी तरीके से कराया गया और बाद में उस पर गजल होटल का निर्माण किया गया। अभिषेक अग्रवाल का आरोप है कि उन्हें डरा-धमकाकर भूमि से जुड़े कार्य कराए गए और उनकी संपत्ति को अवैधानिक रूप से हड़पने का प्रयास किया गया। उन्होंने अदालत से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने स्वामित्व के दावे पर विचार करने की मांग की।
अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी उल्लेख किया कि इस संपत्ति पर स्वामित्व को लेकर अब तक तीन अलग-अलग दावे सामने आ चुके हैं। एक ओर मऊ विधायक अब्बास अंसारी का पक्ष है, वहीं मोतीलाल वर्मा भी उक्त संपत्ति पर दावा जता चुके हैं। अब अभिषेक अग्रवाल ने भी स्वयं को भूमि का वास्तविक स्वामी बताते हुए दावा पेश किया है।
विशेष न्यायाधीश शक्ति सिंह ने आदेश दिया कि अभिषेक अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र की प्रति अब्बास अंसारी, मोतीलाल वर्मा सहित संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी पक्षों को अगली सुनवाई से पूर्व लिखित आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जून की तिथि निर्धारित की है।