अस्पताल में लावारिस नवजात।
- फोटो : अमर उजाला
टीम ने देखा कि एक महिला नवजात बच्चे के साथ बेड पर लेटी थी जबकि एक अन्य बेड पर लावारिस नवजात लेटा था। टीम ने माता-पिता के बारे में स्टाफ से जानकारी मांगी तो पहले तो उसने अपनी बहन का बच्चा बताया।
जब पुलिस ने मोबाइल नंबर मांगा और उस पर फोन किया तो वह नंबर अस्पताल की डायरेक्टर का निकला। पुलिस के अनुसार डायरेक्टर ने कुछ देर बाद मोबाइल भी ऑफ कर दिया। चार घंटे की कार्रवाई के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।
लावारिस को संस्था के पास भेजा, दूसरी मरीज गई महिला अस्पताल
महिला जिसकी डिलीवरी बुधवार को हुई थी, उसे नवजात के साथ एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा भिजवाया गया। जो लावारिस बच्चा बेड पर लेटा था, उसे चाइल्ड केयर एशियन सहयोगी संस्था बाबतपुर को भेजा गया। नायब तहसीलदार मनोज सिंह ने कहा कि बिना पंजीकरण अस्पताल का संचालन कानून का उल्लंघन है। अस्पताल को सील कर दिया गया है।