इंडियन इंस्टीट्यूट आफ जेम्स एंड ज्वेलरी मुंबई की वाराणसी शाखा की आधारशिला रखतीं केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण।
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पूर्वांचल के ज्वेलरी कारीगरों के लिए एक अच्छी खबर है। वे जल्द ही अपने शहर वाराणसी में बेहतरीन डिजाइन के आभूषण बनाने के गुर सीख सकेंगे। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी की ओर से कुबेर कांपलेक्स रथयात्रा में आयोजित एक कार्यक्रम में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ जेम्स एंड ज्वेलरी मुंबई की वाराणसी शाखा की आधारशिला रखी।
यह परियोजना वाराणसी से सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया मिशन का हिस्सा है। इसके तहत प्रधानमंत्री मोदी भारतीय हैंडमेड ज्वेलरी सेक्शन को पूरी तरह से बदल देना चाहते हैं।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ जेम्स एंड ज्वेलरी की यह अपनी तरह की पहली शाखा होगी। इसके जरिये उत्तर भारत से आभूषणों और रत्नों का विदेशों में निर्यात किया जाएगा ।
गौरतलब है कि वाराणसी के अलावा आजमगढ़, मिर्जापुर, मऊ आदि जिले बनारसी साड़ियों और गुलाबी मीनाकारी के लिए मशहूर हैं। हीरों की तराशी में बनारस का पुराना इतिहास रहा है।
पन्ना और गोलकुंडा से निकले हीरों की तराशी बनारस के कारीगर किया करते थे। वाराणसी में आभूषणों का बड़ा कारोबार होता है।