बेनियाबाग में आम आदमी पार्टी की जन अधिकार रैली
- फोटो : अमर उजाला
फिर चुनाव का फैसला केजरीवाल ही करेंगे
बेनियाबाग में आम आदमी पार्टी की जन अधिकार रैली
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संजय सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा के तौर-तरीकों के चलते पीडीपी, जदयू, सुभासपा सहित कई पार्टियों में असंतोष है।
महागठबंधन के सवाल पर कहा कि यूपी में भाजपा को रोकने के लिए सपा और बसपा के गठबंधन का स्वागत करना चाहिए।
अभी महागठबंधन में आप शामिल नहीं है। इसका निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगी। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बनारस से दोबारा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि अभी इसके लिए इंतजार करना होगा। 2014 के लोकसभा चुनाव में केजरीवाल दूसरे स्थान पर रहे थे।
युवा सड़कों पर आएं, विरोध करें: यशवंत
स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण रैली में नहीं पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोबाइल फोन पर कहा कि देश में अघोषित आपातकाल है। युवाओं से अपील की कि सड़कों पर उतर कर विरोध करें और आवाज उठाएं। बताया, सरकार संसद सत्र छोटा कर विपक्ष की आवाज दबा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का हाल किसी से छिपा नहीं है। नौकरशाही डर-डर कर काम कर रही है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अहमदाबाद में नोटबंदी में 7500 करोड़ रुपये जमा कराए गए मगर इसकी जांच नहीं कराई गई।
शत्रुघ्न बोले-लोकतंत्र को मजबूत करने वाराणसी आया
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भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वाराणसी में आम आदमी पार्टी की जन अधिकार रैली में वह भाजपा कार्यकर्ता और सांसद की हैसियत से नहीं, बतौर जागरूक नागरिक सच को सच कहने आए हैं।
सोमवार को रैली से पूर्व उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आपातकाल की तारीखऐतिहासिक है। अजीब क्रांति लेकर आई थी। अब ये जागरूकता, सबक लेने और संकल्प की तारीख है कि ऐसा कभी न हो और अगर हो तो कैसे इससे लड़ सकें।
यह तारीख याद रखना उनके लिए ज्यादा जरूरी है, जो सत्ता परिवर्तन से ज्यादा व्यवस्था परिवर्तन में विश्वास रखते हैं। जो चाहते हैं कि देश और समाज सही दिशा में चले, राजनीतिक परिवर्तन जनता का, जनता से और जनता के लिए हो।
उन्होंने कहा- मैं एंटी पार्टी एक्टिविटी में नहीं आया हूं। लोकतंत्र को मजबूत करने आया हूं। आप में औपचारिक रूप से शामिल होने के सवाल पर अपने अंदाज में कहा....खामोश।
ईवीएम पर मैं कुछ नहीं कह रहा हूं
शत्रुघ्न सिन्हा ने जीएसटी पर तंज कसा और कहा, गांव में मुझसे लोगों ने इसका मतलब पूछा तो मैंने बताया कि गईल सरकार तोहार। कहा, हिमाचल और गुजरात चुनाव एक साथ तारीख आई लेकिन गुजरात के चुनाव की घोषणा छह हफ्ते बाद हुई।
उन्होंने कहा कि ईवीएम पर मैं कुछ नहीं कह रहा हूं। विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं आने वाले सूरत में 15 सीटें आई हैं। इस दौरान अरविंद केजरीवाल को साफ छवि का नेता बताया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की तारीफ की। अपना दल की नेता पल्लवी पटेल को भी उन्होंने खूब तरजीह दी।
युवा सड़कों पर आएं, विरोध करें: यशवंत सिन्हा
यशवंत सिन्हा ने मोबाइल से सभा को किया संबोधित
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स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण रैली में नहीं पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोबाइल फोन पर कहा कि देश में अघोषित आपातकाल है। युवाओं से अपील की कि सड़कों पर उतर कर विरोध करें और आवाज उठाएं।
बताया, सरकार संसद सत्र छोटा कर विपक्ष की आवाज दबा रही है। सुप्रीम कोर्ट का हाल किसी से छिपा नहीं है। नौकरशाही डर-डर कर काम कर रही है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अहमदाबाद में नोटबंदी में 7500 करोड़ रुपये जमा कराए गए मगर इसकी जांच नहीं कराई गई।
मंच अच्छा सजाया, साथी नहीं मिले
आप ने बेनियाबाग में मंच तो बढ़िया सजाया लेकिन उसे साथी नहीं मिले। रैली को सर्वदलीय बताया गया था, विपक्ष की एकजुटता की बात कही गई थी। फिर भी मंच पर कांग्रेस, सपा और बसपा का कोई बड़ा नेता नहीं आया।
बताया गया कि सपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल के किसी रिश्तेदार के साथ दुर्घटना हुई है, इसलिए वे यहां आकर चले गए हैं। हकीकत में पटेल यहां का माहौल देखकर निकल गए थे।
यशवंत-शत्रुघ्न का कद भाजपा ने बढ़ाया
यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा
आप की रैली में शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा के शामिल होने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उन दोनों लोगों को पार्टी ने बहुत कुछ दिया है। पार्टी ने ही उनका कद बनाया है। आज ये दोनों जिस तरह पार्टी विरोधी काम कर रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
इलाहाबाद जाते समय सोमवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर बातचीत में हिंदू आतंकवाद के बयान पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को घेरते हुए मंत्री ने कहा कि वह गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। दिग्विजय देख रहे हैं कि अगला चुनाव हिंदुओं के बिना नहीं जीत पाएंगे।
देश में 80 प्रतिशत हिंदू हैं, इसलिए आरएसएस का सहारा लेना चाहते हैं। कांग्रेस की सरकार में मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम, सोनिया गांधी ने निर्णय लिया कि किसी न किसी तरह हिंदुओं पर दोष दिया जाए कि वे आतंकवादी हैं। अब इसका पर्दाफाश हुआ है। राहुल गांधी को चुनाव के मौके पर उन्हें जनेऊ और मंदिर नजर आने लगता है।