दिवाली की पूर्व संध्या पर काशी स्मार्ट सिटी की राह एक कदम और आगे बढ़ गई। शहर का ढांचागत विकास कैसे हो, योजनाओं को कैसे लागू किया जाए, इसके लिए स्पेशल परपज वेकिल (विशेष प्रयोजन साधन) के तहत वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी (वीएससीएल) का गठन किया गया है। यह कंपनी नगर निगम से अलग हटकर काम करेगी। शनिवार को मिनिस्ट्री आफ कार्पोरेट अफेयर्स भारत सरकार की ओर से कंपनी एक्ट 2013 के तहत कानपुर में इसका पंजीयन कराया गया। इसके चेयरमैन मंडलायुक्त और सीईओ नगर आयुक्त होंगे। शासन एवं योजना से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारी बतौर सदस्य इसमें होंगे।
नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि पंजीयन के लिए 23 अक्तूबर को ऑनलाइन आवेदन किया गया था। स्मार्ट सिटी के तहत केंद्र और प्रदेश सरकार से मिलने वाले धन से शहर का विकास अब इसी कंपनी के माध्यम से होगा। एसपीवी के तहत यह कंपनी विकास परियोजनाओं के मूल्यांकन, निगरानी, अनुमोदन, जारी निधियों के प्रबंधन एवं संचालन पर नजर रखेगी। साथ ही, विकास से जुड़ी कोई भी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अब इसी कंपनी के जरिये शासन को भेजी जाएी। यह कंपनी सीधे तौर पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और सूबे के नगर विकास मंत्रालय से जुड़ी होगी।