यूपी के सोनभद्र में बुधवार दोपहर डीएम ऑफिस परिसर में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब एक व्यक्ति ने कांशीराम शहरी आवास न मिलने से क्षुब्ध छत से छलांग लगा दी। छत से गिरने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं कोतवाली पुलिस ने उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ओबरा के कांशीराम शहरी आवासीय परिसर में विजय भटनागर (40) किराये के मकान में रहता है। पिछले लंबे समय से वह आवास आंवटन के लिए अफसरों को शिकायती पत्र दे रहा है।
बुधवार को दोपहर विजय डीएम अमित कुमार सिंह से मिलने पहुंचा था। मुलाकात नहीं हो सकी तो वह छत पर चला गया। बताया जाता है कि हाथ से छत का बारजा पकड़ते हुए उसे लोगों ने देखा। अभी लोग कुछ समझ पाते इस विजय ने छलांग लगा दिया।
एंबुलेंस से विजय को अस्पताल ले जाया गया। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, सीओ विवेकानंद तिवारी ने अस्पताल पहुंच कर घटनाक्रम के बारे में जानकारी हासिल की।
इसलिए लिया आत्महत्या का निर्णय
जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विजय का कहना है कि कांशीराम आवास गजराज नगर में फूलचंद्र के नाम से आवास आवंटित है। फूलचंद्र के मकान में वह मां और बहन के साथ कई सालों से रहा है। किराये के रूप में प्रतिमाह एक हजार रुपये देता है। अब फूलचंद्र मकान खाली करने के लिए दबाव दे रहा है। कांशीराम आवास में कई कमरे खाली हैं।
उसने बताया कि पूर्व में डीएम, एसडीएम, डूडा के अधिकारियों को आवास देने के लिए आवेदन दे चुका हूं लेकिन आवास नहीं मिला है। जिलाधिकारी भी उसे आवास दिलाने के लिए संतोष जनक आश्वासन नहीं दे पा रहे हैं तो मैंने आत्महत्या करने का निर्णय लिया।
उधर, एसपी आरपी सिंह ने कहा कि विजय कांशीराम आवास में दूसरे के नाम से आवंटित आवास में रहता है। अपने नाम से आवास आवंटित करने के लिए प्रसासरत कर रहा है। आवेदन की प्रक्रिया जारी थी।
इसी बीच क्षुब्ध होकर बुधवार को कलेक्ट्रेट के छत से कूदकर आत्महत्या करने जैसा कदम उठा लिया। इस मामले में कोतवाली में विजय के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास करने का मामला दर्ज कर लिया है।