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बीएचयू कैंपस में अवैध कब्जेदारों को एक महीने का अल्टीमेटम

Wed, 06 Jun 2018 04:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बीएचयू
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यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बाद अब बीएचयू से रिटायरमेंट के बाद भी बंगलों में रह रहे शिक्षकों और अधिकारियों को इन्हें खाली करना पड़ेगा। बीएचयू परिसर में 30 से अधिक ऐसे अधिकारी-शिक्षक हैं, जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद भी आवास नहीं छोड़े हैं।
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कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर एक महीने में बंगला खाली करने को कहा है। 
विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के अलग-अलग आवास है।

 इसमें बहुत से ऐसे अधिकारी-शिक्षक हैं, जिन्हें कैंपस में आवास नहीं मिल पाता है और उन्हें मजबूरी में बाहर रहना पड़ता है। इस बीच पूर्व कुलपति के कार्यकाल में नई नियुक्तियां भी हुई हैं। ये शिक्षक कैंपस में आवास के लिए कुलपति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।

दूसरी ओर परिसर मे 30 से अधिक ऐसे शिक्षक, उपकुलसचिव, सहायक कुलसचिव और अन्य अधिकारी हैं, जो बहुत पहले रिटायर होने के बाद भी यहीं पर जमे हुए हैं। कुलपति की ओर से इस बारे में शिकायतें मिलने पर फाइल तलब की गई थी। अब ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर एक महीने का अल्टीमेटम दिया गया है। 
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रेलवे के 150 से ज्यादा क्वार्टर्स पर अवैध कब्जे

प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए बने मकानों में भी लोग अवैध तरीके से रहे हैं। रिटायर होने के बाद चार कर्मचारी सरकारी मकानों में रह रहे हैं। उन्हें मकान खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।

उधर, हाल ही में तबादले वाले कुछ अधिकारियों ने भी आवास खाली नहीं किया है। एसडीएम सिटी ने बताया कि तबादला और रिटायरमेंट के छह माह सरकारी आवास में रहने का प्रावधान है।


उत्तर, पूर्वोत्तर रेलवे और डीरेका की कॉलोनियों में डेढ़ सौ से ज्यादा क्वार्टर में अवैध कब्जे हैं। उत्तर रेलवे की पांच कॉलोनियों में न्यू लोको कॉलोनी के कई जर्जर भवनों में कर्मचारियों के न रहने के कारण बाहरी तत्वों ने कब्जा जमा रखा है।

वहीं कई क्वार्टर ऐसे भी हैं, जहां सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों के ताले लटके हुए हैं। डीरेका परिसर की कॉलोनियों में रेलवे कर्मचारियों के नाम पर तमाम बाहरी लोग रह रहे हैँ। 
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