दुबई नौकरी करने गए बेटे की सलामती के लिए एक पिता ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई है। पिता का अपने बेटे से पिछले करीब तीन महीने से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उसका मोबाइल भी बंद है। आरोप है कि जिस कंपनी में वह काम करता था वहां के कुछ लोगों से उसका विवाद था। वह उससे कमीशन मांग कर रहे थे। न देने पर मारपीट की गई थी। बेटे ने यह जानकारी दुबई स्थित भारतीय दूतावास को भी दी थी।
यूपी के मिर्जापुर जिले के सीखड़ निवासी तिलकधारी ने विदेश मंत्री से उपरोक्त शिकायत करते हुए बेटे की सलामती की गुहार लगाई है। उन्होंने सोमवार को विदेश मंत्री को संबोधित पत्रक मिर्जापुर डीएम अनुराग पटेल को सौंपा।
सीखड़ के शिल्पी गांव निवासी तिलकधारी का बेटा राकेश कुमार पिछले तीन साल से दुबई में है। वह अलनासर कांटेक्टिंग कंपनी में कारपेंटर का काम करता है। कुछ महीनों से कंपनी के कुछ प्रभावशाली लोग उससे कमाई में हिस्सा मांग रहे थे।
ऐसा न करने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके साथ मारपीट भी की गई। राकेश स्वदेश वापस आना चाहता था लेकिन उसका पासपोर्ट नहीं दिया गया। उससे परेशान होकर पिता से संपर्क कर पूरी बात बताई तो उसे भारतीय दूतावास से संपर्क करने को कहा गया।
उसने दूतावास से संपर्क किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। पिछले तीन महीने से उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। तिलकधारी ने डीएम के जरिए विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र भेजकर राकेश को स्वदेश लाने की गुहार लगाई है। कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने की कोशिश करेंगे।