बीएचयू कला संकाय में तीन दिवसीय वार्षिक युवा महोत्सव संस्कृति की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई। सात फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. रंजन कुमार ने किया। तीन दिन तक कला, साहित्य और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा।
संस्कृति के तहत भारत अध्ययन केंद्र और मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. रंजन कुमार ने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अध्ययन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़चढ़कर भागीदारी का आह्वान किया। कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने संस्कृति केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संकाय की विशिष्ट पहचान है। पहले दिन तांडव स्तोत्रम की बेहतर प्रस्तुति देने वाले दिव्यांग संगीतकार इंद्रजीत साकेत का सम्मान किया गया। उन्होंने पारंपरिक सोहर गीत जुग जुग जिया सु ललनवा... गाया। इस दौरान लोक गायिका शारदा सिन्हा को संगीतमय श्रद्धांजलि भी दी गई। उधर, मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र सहित अन्य जगहों पर जनरल क्विज के प्रथम चरण, टर्न कोट (हिन्दी), वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। संगीत प्रतियोगिता में शास्त्रीय वाद्य यंत्रों एवं वेस्टर्न वोकल सोलो की प्रस्तुतियों पर कलाकारों ने खूब तालियां बटोरी। संचालन अनुराग राय और अनन्या ज्योति ने किया। इस दौरान डॉ. धीरेंद्र राय, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. शिल्पा सिंह आदि लोग मौजूद रहे।