वाराणसी। प्रह्लाद घाट पर हो रही नृसिंह लीला के तीसरे दिन बुधवार को भगवान का नाम लेने पर प्रह्लाद को पिता के निर्देश पर यातना देने के प्रसंग का मंचन किया गया। इस दौरान बीच-बीच में श्रद्धालु प्रह्लाद का जयकारा लगाते रहे।
प्रह्लाद घाट पर देर रात पूजा-अर्चना के साथ लीला शुरू हुई। बालक प्रह्लाद की शिक्षा पर आधारित मंचन किया गया। प्रह्लाद के गुरु उनसे कहते हैं कि वह भगवान का नाम न लें बल्कि अपने पिता हिरण्यकश्यप का नाम लें। प्रह्लाद ऐसा करने से इनकार करते हुए भगवान का नाम लेने लगते हैं। इसकी जानकारी होने पर पिता हिरण्यकश्यप पुत्र प्रह्लाद को सांप से डंसवाने, हाथी सेे कुचलवाने और पहाड़ से गिराने का हुक्म देता है। इसके बाद भी प्रह्लाद का बाल बांका नहीं होता है। प्रह्लाद को पहाड़ से गिराने का प्रसंग देख श्रद्धालु रोमांचित हो गए। प्रह्लाद के जयकारे से गंगा तट गुंजायमान हो उठता है। लीला राजकुमार त्रिपाठी व्यास, अध्यक्ष नारायण मिश्र और व्यवस्थापक मोहित उपाध्याय की देखरेख में संपन्न र्हुई। अध्यक्ष नारायण मिश्रा के अनुसार, गुरुवार को नृसिंह अवतार और हिरण्य कश्यप वध प्रसंग का मंचन होगा।