वाराणसी। नगर निगम में 10 पार्षदों के नामित करने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। पार्टी के नेताओं ने महानगर अध्यक्ष पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर अपनी भावनाओं से अवगत कराया है।
नवापुरा में विकास प्राधिकरण बोर्ड के नामित सदस्य नसरुल्लाह के नेतृत्व में हुई बैठक में वक्ताओं ने महानगर अध्यक्ष डा. ओपी सिंह पर मनमाने तरीके से पार्षदों को नामित कराने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे लोगों को भी सूची में शामिल किया गया है जो सपा के कभी सदस्य नहीं रहे। ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल हैं जो राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर सूची को रद्द करने की मांग की गई। राजेश अग्रहरि, ज्ञानचंद्र यादव, वशीर अहमद, ओमप्रकाश गुप्ता, कुंवर यादव, जैनुल आब्दीन, शमीम अहमद, विकास यादव बच्चा आदि मौजूद रहे। बाबू लाला यादव की अध्यक्षता में शिवपुर में हुई उत्तरी विधानसभा इकाई की बैठक में नेताओं ने आरोप लगाया कि बसपा में रहे एक नेता को पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का महामंत्री बना दिया गया। पार्टी के लिए मरने-मिटने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर पार्टी के बाहर के लोगों को पार्षद नामित कर दिया गया है। बैठक में अजय पटेल, अरविंद सिंह, कैलाश यादव, शशि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। पार्टी नेता जयप्रकाश गुप्ता ने भी नामित पार्षदों की सूची पर सवालिया निशान लगाया है।