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संतों की रणनीति पर जयेंद्र मौन, पीएम को भेजेंगे खत

Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। कांची कामकोटि के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ने मंगलवार की शाम कहा कि पृथ्वी पर गंगा से पवित्र कोई धारा नहीं है। इसे निर्मल रखने के लिए सामूहिक प्रयास किया जाना चाहिए। अविरलता-निर्मलता को लेकर केंद्र सरकार के रुख पर उन्होंने सीधे तौर पर टिप्पणी से परहेज किया। संतों के साथ कुंभ में हुई मंत्रणा का खुलासा किए बिना इतना जरूर कहा कि गंगा की रक्षा के लिए वह जल्द ही पीएम को पत्र भेजेंगे।
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हनुमान घाट स्थित शंकर मठ में दोपहर बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में जयेंद्र सरस्वती ने कहा कि जीवन में एक बार गंगा नहा लेने से पाप धुल जाते हैं। इसका जल अब भी महीनों तक रखने के बाद भी प्रदूषित नहीं होता। ऐसी धारा को बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है। कांची के शंकराचार्य ने बताया कि मौनी अमावस्या पर कुंभ स्नान से पहले द्वारका-शारदापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद से भी उनकी मुलाकात हुई थी। उस दौरान शीर्ष धर्माचार्यों से गंगा की अविरलता-निर्मलता के सवाल पर क्या रणनीतिक मंत्रणा हुई, इसे वह टाल गए। भविष्य की रूपरेखा पर कुछ कहे बिना वह सिर्फ गंगा की पवित्रता की दुहाई देते रहे। कहा कि औद्योगिक और घरेलू अवजल गंगा में गिरने से रोका जाना चाहिए। गंगा को प्रदूषित करने से बड़ा नुकसान होगा। शंकराचार्य बुधवार की शाम मानसरोवर घाट स्थित परमाचार्य की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस मौके पर उनके प्रतिनिधि बीएस सुब्रह्मण्यम मणि भी उपस्थित थे।

इनसेट
यूपी का पहला शंकर आई हास्पिटल कानपुर में
वाराणसी। कांची काम कोटि के शंकराचार्य की इच्छा काशी में आंख का अत्याधुनिक अस्पताल खोलने का है। शंकर आई हास्पिटल की शाखाएं वह देश भर में खोलना चाहते हैं ताकि तमाम गरीब-बेसहारों को भी नेत्र ज्योति का लाभ मिल सके। यूपी का पहला शंकर आई अस्पताल कानपुर-दिल्ली मार्ग पर खोला जाएगा। इसके अलावा उड़ीसा में भी अस्पताल खोलने की उनकी योजना है। 14 फरवरी को शंकराचार्य जयेंद्र जयपुर जाएंगे। वहां मृत्युंजयेश्वर महादेव मंदिर का लोकार्पण करने के साथ ही वेद विद्यालय की आधारशिला रखेंगे।
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