वाराणसी। दिसंबर 2012 में समाप्त हो चुके पक्षी विहार एवं डीयर पार्क, सारनाथ के लाइसेंस को सेंट्रल जू अथारिटी ने अगले तीन साल के लिए नवीनीकृत कर दिया है। अथारिटी का पत्र विभाग के स्थानीय अधिकारियों को मिल गया है। अधिकारी अब पक्षी विहार में रंगीन पक्षियों को बढ़ाने के साथ ही डीयर पार्क में काकड़, बारहसिंघा और संाभर लाने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही घड़ियाल और मगरमच्छों का बाड़ा भी अलग किया जाएगा।
पक्षी विहार के बीचोबीच स्थित बड़े से बाड़े में एक हिस्से में मगरमच्छ और दूसरे हिस्से में घड़ियाल रखे गए हैं। इससे यह खतरा यह रहता है कि मगरमच्छ क हीं घड़ियाल को शिकार न बना लें। यहां मगरमच्छों की संख्या तीन है जबकि घड़ियाल केवल एक है। उप प्रभागीय वनाधिकारी सीएम त्रिपाठी ने बताया कि मगरमच्छों और घड़ियाल को एक साथ रखना खरतनाक है। इसलिए इनके बाड़े अलग किए जाएंगे। इसके लिए एक और बाड़ा बनाया जाएगा। पक्षी विहार में फीजेंट, लव वर्ड और विदेशी तोते भी लाकर रखे जाएंगे। डीयर पार्क को गुलजार करने के लिए ब्लैक बक, चीतल के साथ काकड़, बारहसिंघा और सांभर भी रखे जाएंगे। बताया कि डीयर पार्क के सुंदरीकरण के लिए योजना प्रस्तावित की गई है।