वाराणसी। महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी के पावन सानिध्य में शनिवार को डीरेका खेल ग्राउंड में प्रभु कृपा दुख निवारण के 350वें समागम में भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा से आशीर्वाद लेने और ज्ञान लेने के लिए खुले आसमान के नीचे भक्त देर रात तक घंटों बैठे रहे। पहले दिन बाबा ने दुखों के निवारण के लिए दिव्य पाठ एवं बीज मंत्र के बारे में जानकारी दी।
निर्धारित समय से करीब पांच घंटे की देरी से डीरेका पहुंचे स्वामी जी ने कहा कि सारे दुखों को दूर करने वाले परमपिता परमात्मा हैं। सनातन धर्म, वेद और शास्त्रों में अद्भुत शक्ति है। सनातनी संस्कृति और शास्त्रों से लोग दूर होते जा रहे हैं, जिससे लोग दुखों से घिर रहे हैं। बाबा से आशीर्वाद लेने के लिए आसपास के जिलों के साथ ही विभिन्न राज्यों से भी लोग समागम में पहुंचे थे। आयोजन के लिए टेंट से माइक समेत समस्त सामग्री पंजाब से लेकर सुरक्षा गार्ड और वालंटियर्स यहां पहुंचे हैं। बाबा के आगमन पर रामजनम यादव ने शंखनाद किया तो पूरा परिसर तालियों की आवाज से गूंज उठा। प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल ने कहा कि काशी में आना सौभाग्य की बात है। आज का युवा तर्क करता है। धर्म के साथ आडंबर और दिखावा का चलन बढ़ने से पाश्चात्य संस्कृति हावी हो रही है। भारतीय संस्कृति को मजबूत रखने के लिए आडंबरों से बचना होगा।
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एक दर्जन लगे स्टाल
वाराणसी। प्रभु कृपा दुख निवारण के 350वें समागम स्थल पर करीब एक दर्जन स्टाल लगाए गए थे। स्टालों पर पत्रिका, आसन, हवन सामग्री, रुद्राक्ष की माला, अभिमंत्रित जल की बिक्री भी जा रही थी। श्री लक्ष्मी नारायण धाम के महासचिव सुशील वर्मा गुरुदास मंच से श्रद्धालुओं को आसन और पूजन सामग्री खरीदने की सलाह दे रहे थे।
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हार्ट अटैक से श्रद्धालु की मौत
वाराणसी। डीरेका परिसर में ब्रह्मर्षि श्रीकुमार स्वामी के संबोधन के दौरान श्रद्धालु महेश राम (68) को हार्ट अटैक हो गया। आनन-फानन में उसे डीरेका केंद्रीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी महेश चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र के चतुर्भुजपुर के रहने वाले थे। समागम में वे पत्नी उमरावती और 24 वर्षीय बेटे कृष्णा के साथ पहुंचे थे। महेश समागम स्थल के बीच में बैठे थे। इस दौरान वे शौच जाने के लिए उठे और दो कदम ही चले थे कि अचानक गिर पड़े। अगले महीने ही उनके बेटे की शादी होनी है।