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हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस में सफर यानी जोखिम में जान

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Varanasi
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वाराणसी। हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस के द्वितीय श्रेणी के शयनयान में सफर करना, जान जोखिम में डालने जैसा है। इन बोगियों में बर्थ से लेकर बाथरूम तक की दशा दयनीय है। हावड़ा से चलकर वाराणसी पहुंची अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस (13049 अप) के एस वन से एस फोर तक के चार द्वितीय श्रेणी के शयनयानों की हालत लगभग एक जैसी ही मिली।
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इनमें एस वन और एस टू की स्थिति सबसे अधिक खराब दिखी। एस वन कोच के बाथरूम के दरवाजे पर लगा लोहे का फ्रेम टूटकर एक तरफ लटका नजर आया। ऐसे में बाथरूम का इस्तेमाल करने वालों के लिए ही नहीं बल्कि एक बोगी से दूसरी बोगी में जाने वालों को भी कम मुसीबत नहीं झेलनी पड़ी होगी। एक बोगी में लगे दो-दो वाशबेसिन के नल भी उखड़े थे। पुराने माडल की टोटी उखड़कर बेसिन में लटकी नजर आई। शयनयान की अधिकतर खिड़कियों के लॉक खराब दिखे। मुसाफिरों की मानें तो खिड़की के पास बैठे कई लोगों के हाथ चुटहिल हो गए। कारण, ट्रेन की गति बढ़ने के साथ ही खिड़कियों के शटर अचानक नीचे गिर जा रहे थे। कब कौन सी बर्थ टूटकर गिर जाएगी, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। इन बोगियों में साइड लोवर और साइड अपर बर्थ में अधिकतर सीटें फटी दिखीं। इन्हीं सीटों पर यात्री लंबी दूरी की यात्रा करने को विवश दिखे। हावड़ा से वाराणसी कैंट तक की दूरी करीब 20 घंटे में तय करने के दौरान ही पानी समाप्त हो गया। अमृतसर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों ने मुगलसराय में गार्ड से पानी भरवाने का आग्रह भी किया, लेकिन बिना पानी के लिए ट्रेन आगे रवाना कर दी गई।
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