वाराणसी। आईएएस अफसर चंद्रमा यादव की भविष्यवाणी करने के बाद रमेश तिवारी की किस्मत बदल गई। इस अफसर के माध्यम से ही रमेश सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के करीब पहुंचे थे। चंद्रमा यादव अब रिटायर्ड हो चुके हैं।
गुरुजी के नाम से चर्चित रमेश तिवारी की मुलाकात 2003 में वाराणसी के सर्कि ट हाउस में आईएएस अफसर चंद्रमा यादव से हुई थी। चंद्रमा को कहीं जाना था। रमेश ने उनका हाथ देखने के बाद निर्धारित कार्यक्रम में न जाने की सलाह दी तो उन्होंने रमेश की बात मान ली। उन्होंने अपने प्रतिनिधि को भेज दिया। रास्ते में प्रतिनिधि कार हादसे का शिकार हो गए। इसके बाद चंद्रमा ने रमेश की मुलाकात पहले शिवपाल यादव से कराई और फिर मुलायम से। इसके बाद रमेश ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। अखिलेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद रमेश ने डिंपल के निर्विरोध सांसद बनने की भविष्यवाणी की थी। हुआ भी ऐसा ही। प्रापर्टी एवं ठेकेदारी के काम से जुड़े रमेश तिवारी इन दिनों सूरत में कारोबार फैला रहे थे। सूरत के व्यापारियों ने तीन महंगी गाडि़यां भी रमेश को दी थीं। रमेश ने सूरत में एक फार्म हाउस भी खरीदा था। चर्चा है कि रमेश की हत्या पश्चिम के शूटरों से कराई गई है। आजमगढ़ के 50 हजार के इनामी गिरधारी विश्वकर्मा ने रमेश की हत्या के अगले दिन ही समर्पण कर दिया था। इसे लेकर भी काफी चर्चा है। पुलिस वर्दी में आजमगढ़ के शूटरों ने पहले भी घटनाएं की हैं।