वाराणसी। अब पार्षद भी अपने वार्डों में पांच लाख रुपये से विकास कार्य करा सकेंगे। मंगलवार को नगर निगम सदन की बैठक में सर्वसम्मति से प्रत्येक पार्षद को अपने-अपने वार्डों में पांच-पांच लाख रुपये से विकास कार्य कराने का अधिकार देने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया। पार्षद यह कार्य अवस्थापना निधि से कराएंगे। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में बीस-बीस सोडियम और ट्यूब लाइट लगाने संबंधी प्रस्ताव भी पारित हुआ। इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लेने के साथ ही सदन की बैठक 15 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बैठक में जैसे ही कार्यकारिणी चुनाव का मसला उठा, कांग्रेस पार्षदों ने विवादित मसलों को छोड़कर विकास कार्यों पर चर्चा की मांग की। एक सदस्य ने प्रत्येक पार्षद को अपने वार्डों में पांच-पांच लाख रुपये से विकास कार्य कराने का अधिकार देने संबंधी प्रस्ताव रखा। कुछ ने अवस्थापना निधि के 14 करोड़ रुपये से मनमाने तरीके से कार्य कराने का आरोप लगाते हुए ब्यौरा सदन में रखने की मांग की। जबकि कुछ पार्षदों ने निगम के पास कौन-कौन सी निधि है, इसे स्पष्ट करने तथा सदन में शासनादेश रखने की मांग उठाई। पार्षदों को पांच-पांच लाख रुपये से कार्य कराने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान धनराशि आठ लाख रुपये करने की मांग की गई। लेकिन, सहमति पांच लाख रुपये पर ही हुई। सदस्यों ने देव दीपावली व मोहर्रम को देखते हुए घाटों से जुड़ी गलियों में उखड़ चुके चौका पत्थर को ठीक कराकर प्रकाश की व्यवस्था करने तथा ताजिया वाले स्थलों व संबंधित इलाकों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने समय रहते सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। सदस्यों के सवाल उठाने पर नगर आयुक्त को आगे की बैठकों में नगर में जितने भी कार्य चल रहे हैं उससे संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी बुलवाने की हिदायत दी गई।