वाराणसी। काशी पत्रकार संघ की ओर से सोमवार को पत्रकार बाबूराव विष्णुराव पराड़कर की 129वीं जयंती पराड़कर भवन में मनाई गई। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा पत्रकारिता एवं शिक्षा से ही संभव है। स्व. पराड़कर सामाजिक सरोकारों की आवाज को हमेशा उठाते रहे हैं। उनके मिशन को पूरा करने के लिए पत्रकारिता के क्षेत्र में बाजारवादी चुनौती का विकल्प तैयार करना होगा।
मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रो. वेणी माधव शुक्ल ने कहा कि आज स्वतंत्र पत्रकारिता का दौर खत्म हो रहा है। पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा और समाधान की जरूरत है। आज अखबारों में बाजारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। गांधीवादी प्रो. रामचंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकारों को संघर्ष करने की आवश्यकता है। डा. जितेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि पत्रकारों को लोक चित्रण के साथ लोक निर्देशन भी करने की जरूरत है। वक्ताओं ने नए प्रेस आयोग के गठन की जरूरत जताई ताकि प्रेस की स्वतंत्रता और भूमिका का नई चुनौतियों के अनुसार निर्धारण हो सके। अध्यक्षता जगत नारायण शर्मा ने की। संचालन डा. अत्रि भारद्वाज एवं धन्यवाद राजेंद्र रंगप्पा ने ज्ञापित किया। इस मौके पर समाजवादी चिंतक विजय नारायण, डा. राजेश्वर आचार्य, प्रदीप कुमार, योगेश कुमार गुप्त, डा. अजय चतुर्वेदी एवं अमरनाथ शर्मा आदि मौजूद थे। इसी प्रकार गांधीयन मीडिया ग्रुप की ओर से समाचार पत्रिका यंग पब्लिक के हबीबपुरा कार्यालय में भी पराड़कर जयंती मनाई गई। लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। इस मौके पर राजेश आजाद, कुमार हेमंत, डा. कैलाश प्रसाद एवं गोपाल प्रसाद मौजूद थे।