वाराणसी। त्यौहारों के सीजन में ट्रेनों के पैक होने की वजह से घरेलू और विदेशी पर्यटक हवाई यात्रा को वरीयता दे रहे हैं। मगर इस सीजन में हवाई किराया आम दिनों के मुकाबले तीन से चार गुना महंगा होने की वजह से सैलानियों का बजट गड़बड़ा गया है। कई पर्यटकों ने तो सैर-सपाटे का कार्यक्रम ही रद कर दिया। दीपावली और डाला छठ पर एयरलाइंस का किराया आसमान छूने लगा है।
मालूम हो कि नौ से 12 नवंबर के बीच दिल्ली से वाराणसी का हवाई किराया 12 से 19 हजार के बीच पहुंच गया है। जबकि सामान्य दिनों में यह किराया 4200 रुपये के आसपास रहता है। इस अवधि में एयर इंडिया की दिल्ली-वाराणसी उड़ान का किराया 19 हजार और जेट एयरवेज का किराया 15 हजार रुपये के आसपास है। इसी अवधि में मुंबई से वाराणसी का किराया 12 हजार रुपये से लेकर 21 हजार रुपये के बीच है। दीपावली से एक दिन पहले मुंबई-वाराणसी उड़ान का किराया सबसे महंगा 21 हजार रुपये है। जबकि आम दिनों में मुंबई से वाराणसी तक के हवाई सफर के लिए यात्रियों को आठ हजार रुपये के आसपास भुगतान करने होते हैं। इस फेस्टिव सीजन में कोलकाता-वाराणसी उड़ान सेवा भी तीन गुना से ज्यादा महंगी हो गई है। सीनियर एग्जक्यूटिव (टूर) सुधांशु सक्सेना के मुताबिक हवाई यात्रा महंगी होने से घरेलू पर्यटकों की संख्या कम होने का अंदेशा बढ़ गया है। काफी लोगों ने अपना टूर स्थगित कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस साल घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद केरल है। हालांकि, पारंपरिक पर्यटकों की पहली पसंद अब भी हिमाचल प्रदेश की वादियां ही हैं।