लोहता। आराजीलाइन ब्लाक के सरवनपुर और कोरौत में बाल विकास विभाग ने सात माह से तीन साल तक के 120 कमजोर बच्चों का सर्वे कराया। इनमें तीन बच्चे सूखा रोग से ग्रस्त पाए गए। आराजीलाइन पीएचसी पर जांच के बाद इन बच्चों को दवाएं एवं पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।
ब्लाक की बाल विकास परियोजना अधिकारी मंजू वर्मा ने बताया कि सरवनपुर तथा कोरौत में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियों से दोनों गांवों के सात माह से तीन साल तक के बच्चों की जांच कराई गई। कोरौत के चरनजीत यादव के दो साल दस माह के बेटे सूरज का वजन महज पांच किलो पाया गया तथा सरवनपुर के प्रमोद वनवासी की पुत्री चांदनी (2) का वजन सात किलो तथा उसके बेटे बबलू (9 माह) का वजन पांच किलो पाया गया। मंजू वर्मा के मुताबिक सूरज, चांदनी और बबलू की जांच आराजीलाइन पीएचसी पर कराई गई। आवश्यक दवाएं एवं विटामिन की खुराक दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनकी देखरेख करने तथा उचित मात्रा में पौष्टिक आहार देने को को कहा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों गांवों में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है ।
बयान
प्रमोद वनवासी के आठ बच्चे हैं। वह कोई काम नहीं करता इसलिए उसके बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता। कोरौत का चरनजीत यादव भी बेरोजगार है। उसका बच्चा भी सूखा रोग की चपेट में है।-मंजू वर्मा, सीडीपीओ, आराजीलाइन।
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तीनों बच्चों की जांच की गई। पाया गया कि इन बच्चों को आहार में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं। इसीलिए ये बच्चे कमजोर हैं।-डा. एमके शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, आराजीलाइन पीएचसी।