वाराणसी। बुद्धदेव करमास्कर बनाम प. बंगाल सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई गाइड लाइन सेक्स वर्कर्स के जीवन में नई रोशनी डालने का हथियार बन गई है। आम नागरिकों की तरह इन्हें भी सारी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की योजना पर प्रदेश में काम शुरू हो गया है। बनारस में ब्यूटीशियन कोर्स कर रही 22 सेक्स वर्कर्स को प्रशिक्षण पूरा होने पर महिला कल्याण निगम स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराएगा।
प्रदेश की रेड लाइट एरिया में रह रही सेक्स वर्कर्स को चिन्हित करने का काम महिला कल्याण विभाग ने पूरा करा लिया है। अब इनकी जरूरत के मुताबिक राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, बच्चों के लिए शिक्षा आदि सुविधाएं देने के साथ ही प्रशिक्षण देने की शुरुआत हो गई है। शिवदासपुर स्थित रेड लाइट एरिया में इस समय महिला कल्याण विभाग ने ब्यूटीशियन कोर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। गंदगी और बदनामी से बाहर निकलने की ललक लिए 22 सेक्स वर्कर प्रशिक्षण ले रही हैं।
मंडलीय उद्धार अधिकारी एनके तिवारी ने बताया कि विशेषज्ञों द्वारा इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद जो सेक्स वर्कर ब्यूटी पार्लर खोलना चाहेंगी उन्हें महिला कल्याण निगम से आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी। बताया कि जौनपुर में 12, इलाहाबाद में 30, सुल्तानपुर में 11, फैजाबाद में 11 सेक्स वर्कर चिह्नित की गई हैं। इनके लिए भी शीघ्र ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा।